IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर मचे कोहराम में एक नया खुलासा हुआ है। उज्जवला गैस कनेक्शन लेने वाले शहरी इलाकों में 25 दिन में मिलने वाले सिलेंडर की बुकिंग कर उसकी ओटीपी बेच रहे है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी सिलेंडर लेने वालों की संख्या अचानक 35 फीसदी तक बढ़ गई है। राज्यभर में 36 लाख 76260 लोगों के घरों में उज्जवला गैस योजना के तहत सिलेंडर मौजूद है। एलपीजी समस्या के पहले तक इसमें केवल 20 से 22 फीसदी के आसपास ही लोग सिलेंडरों की रिफिलिंग करवा रहे थे। फरवरी में 8 लाख 8777 लोगों ने सिलेंडर लिए, लेकिन मार्च में इनकी संख्या बढ़कर 22 लाख 27842 हो गई। अप्रैल में अभी तक 14 लाख से ज्यादा लोग उज्जवला सिलेंडर ले चुके हैं।
ऑनलाइन दिखने वाले आंकड़ों ने अफसरों को भी चौंका दिया है। यही वजह है कि अब विभाग की टीम ने शहर के कई इलाकों में एक साथ छापामारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को टीम ने चंगोराभाठा पवार भवन के पास स्थित अपना फोटो कॉपी सेंटर में छापा मारा तो वहां से 13 उज्जवला गैस कार्ड मिले।
सेंटर के संचालक एडविन हडसन से 10 नग भारत गैस का सिलेंडर भी जब्त किया गया है। अफसरों ने छापे के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि उज्जवला गैस योजना वालों ने ओटीपी के बदले पैसे लिए थे। जिनके नाम के गैस कार्ड जब्त हुए हैं उनसे भी पूछताछ की जाएगी।
आमतौर पर उज्जवला योजना के तहत इतने सिलेंडरों की सप्लाई नहीं होती है। इस वजह से छापामारी की जा रही है। अभी आधा दर्जन गैस एजेंसी वाले भी संदेह के दायरे में हैं। इनकी भी जांच जारी है। एजेंसियों के महीनेभर की सप्लाई का आंकड़ा देखा जा रहा है।
ऐसे समझें… किसको कितना फायदा मिलता है
दैनिक भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि उज्जवला गैस कनेक्शन धारकों को साल में बारह सिलेंडर सब्सिडी वाले मिलते है। आमतौर पर ऐसे परिवारों में एक सिलेंडर करीब दो महीने चलता है। यानी साल भर में बमुश्किल आठ से नौ सिलेंडर ही लगते है। उज्जवला योजना वाले 25 दिन में सिलेंडर की बुकिंग करा रहे हैं। इसके बाद जो ओटीपी आता है उसे जरूरतमंद या एजेंटों को बेच देते हैं। इसके लिए उन्हें 300 से 500 रुपए तक मिलते हैं।
सिलेंडर की डिलिवरी होने के बाद उनके खाते में सब्सिडी के 300 रुपए अलग जमा हो जाते हैं। यानी एक सिलेंडर पर कनेक्शन वाले को 800 रुपए तक का फायदा होता है। जो एजेंट इन लोगों से सिलेंडर खरीदते हैं वे उसे 2000 से 3000 रुपए तक में बेच देते हैं। इससे उन्हें भी प्रति सिलेंडर एक हजार से ज्यादा का मुनाफा हो रहा है।
