Homeछत्तीसगढ़सुशासन से संवरता छत्तीसगढ़- विकसित भारत का नया रोल मॉडल

सुशासन से संवरता छत्तीसगढ़- विकसित भारत का नया रोल मॉडल

IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ की माटी में इन दिनों विकास और सुशासन की एक नई बयार बह रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य ने प्रगति की एक ऐसी छलांग लगाई है, जो न केवल छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल रही है, बल्कि इसे देश के नक्शे पर विकसित भारत का एक चमकता हुआ रोल मॉडल भी बना रही है। केंद्र की दूरदर्शी नीतियों और राज्य सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति के मेल से छत्तीसगढ़ में आज डबल इंजन की सरकार धरातल पर साफ महसूस की जा रही है। विकास की इस नई इबारत में समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की खुशहाली सबसे ऊपर है।

​गरीब का अपना घर:पहली प्राथमिकता, ठोस कदम

​मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सत्ता संभालते ही सबसे पहला और ऐतिहासिक फैसला समाज के सबसे कमजोर तबके के हक में लिया किया वह था हर गरीब को अपना पक्का मकान देना। सरकार बनते ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को जो रफ्तार मिली, उसकी मिसाल मिलना मुश्किल है। हाल ही में मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से एक ही क्लिक में 3 लाख लाभार्थियों के खातों में 1,200 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। ​सिर्फ गाँव ही नहीं, बल्कि PMAY-U 2.0 के जरिए शहरी और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को भी बड़ी राहत दी गई है। पुरानी विसंगतियों और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए पूरी व्यवस्था में MIS Integration (प्रशासनिक और तकनीकी सुधार) लागू किया गया है, ताकि बिना किसी बिचौलिए और देरी के हर हकदार को उसका घर मिल सके।

​केंद्र का साथ और छत्तीसगढ़ को ऐतिहासिक सौगात

​मुख्यमंत्री साय के रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर केंद्र सरकार ने भी अपनी मुहर लगाई है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शी शासन का ही नतीजा है कि केंद्र ने छत्तीसगढ़ को 4,400 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मंजूर की है, जो देश के किसी भी राज्य को मिली अब तक की सबसे बड़ी प्रोत्साहन राशि है। ​इसके साथ ही, केंद्रीय बजट 2026-27 में छत्तीसगढ़ के लिए करीब 52 हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम वित्तीय सहयोग की घोषणा की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4,500 करोड़ रुपये अधिक है। यह भारी आवंटन राज्य के बुनियादी ढांचे के कायाकल्प के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है।

​इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी का स्वर्णिम युग

​ छत्तीसगढ़ आज सड़कों, ऊर्जा और डिजिटल क्रांति के एक नए दौर से गुजर रहा है। राज्य में ​सड़कों का जाल बिछता जा रहा है। राज्य में 3,153 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण तेजी से चल रहा है। लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर-विशाखापत्तनम और रायपुर-रांची जैसे इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम युद्ध स्तर पर जारी है। साथ ही केंद्रीय सड़क निधि (CRIF) से 664 करोड़ रुपये की लागत से जिला मार्गों को सुधारा जा रहा है।

ऊर्जा और डिजिटल हाईवे

दूरदराज के अंचलों में सौर ऊर्जा और माइक्रो-ग्रिड के माध्यम से निर्बाध बिजली पहुँचाई जा रही है। वहीं, डिजिटल इंडिया के तहत बस्तर जैसे संवेदनशील और सुदूर क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड और बीएसएनएल (BSNL)नेटवर्क का जाल बिछाया गया है, जिससे गाँवों में भी शिक्षा, बैंकिंग और ई-कॉमर्स की सुविधाएं आम हो गई हैं।

​राष्ट्रीय पटल पर छत्तीसगढ़ का गौरव

​साय सरकार के जमीन से जुड़े कामकाज की गूंज देश की राजधानी तक सुनाई दे रही है। राज्य को उसकी उत्कृष्ट योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। ​पंचायती राज मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ को एक साथ 12 राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार दिए गए हैं, जिनमें प्रतिष्ठित “दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार” भी शामिल है। ​मनरेगा, स्वास्थ्य और लघु वनोपज संग्रहण जैसे क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन के लिए राज्य ने 10 अन्य राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए हैं। ​स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए आयुष्मान भारत योजना को और प्रभावी बनाया गया है, साथ ही राज्य के 5 जिलों में नए मेडिकल कॉलेजों के जरिए चिकित्सा तंत्र को आधुनिक रूप दिया जा रहा है।

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