IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड स्थित ग्राम घुपसाल ने जल संरक्षण और टिकाऊ खेती (सस्टेनेबल फार्मिंग) की दिशा में पूरे प्रदेश के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। पारंपरिक और अधिक पानी की खपत वाली धान की फसल के चक्रव्यूह से बाहर निकलते हुए यहाँ के किसानों ने रबी सीजन में एक सामूहिक व ऐतिहासिक निर्णय लिया। किसानों ने धान के स्थान पर कम पानी में तैयार होने वाली मक्का, दलहन और तिलहन की फसलों को अपनाया, जिसके अत्यंत सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। इस अभिनव पहल से न केवल ग्राम का भू-जल स्तर सुधरा है, बल्कि पेयजल और निस्तारी की पुरानी समस्या का भी स्थायी समाधान हो गया है।
