IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना इस बार राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। वजह है बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू की शादी, जो 31 मई को होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम में होने जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि गरीबों के हक पर डाका डाला जा रहा है। क्या विधायक इस योजना के लिए पात्र हैं। इसके जवाब में विधायक दीपेश साहू ने दैनिक भास्कर से कहा कि इस योजना में देखा जाता है कि लड़की BPL (बिलो पॉवर्टी लाइन) परिवार से है या नहीं। उन्होंने कहा कि जिनसे वे शादी करने जा रहे हैं, वे BPL परिवार से हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत मिलने वाली राशि को वे मेधावी छात्राओं को देंगे। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर लिखा कि दीपेश साहू का फैसला सादगी, सामाजिक समरसता और जनकल्याणकारी सोच का प्रेरक उदाहरण है। विवाह को आडंबर नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक सहभागिता से जोड़ने का संदेश है।
जानिए पूरा मामला
दरअसल, बेमेतरा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में 24 जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे। इन्हीं में भाजपा विधायक दीपेश साहू भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव समेत कई मंत्री शामिल होने वाले हैं।
बैज बोले- गरीबों के हक पर डाका
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने विधायक की शादी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक पर डाका डाला जा रहा है। यह योजना आम लोगों के लिए है, किसी विधायक के लिए नहीं। कांग्रेस इसे योजना के दायरे और पात्रता से जोड़कर सवाल उठा रही है। वहीं BJP इसे व्यक्तिगत निर्णय बता रही है।
