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रायपुर के पार्षद ने 2 दोस्तों के साथ मिलकर मोनेट कपंनी के ऑपरेटर की महासमुंद में हत्या कर दी

इस दौरान उनके बीच मोहल्ले में पानी को लेकर विवाद हो गया। नशे में भुवनेश्वर ने नोहर दास को ये कहकर थप्पड़ मारा कि तू पार्षद बन गया है, तो बड़ा आदमी बन गया है। थप्पड़ से नाराज पार्षद ने अपने 2 साथियों संग मिलकर भुवनेश्वर को कार से महासमुंद ले गए। चलती कार में भुवनेश्वर की जमकर पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।

आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए उसका शव महानदी किनारे रेत में दफना दिया था। 28 मई को पुलिस ने गड्ढा खोदकर शव निकाला। मामला महासमुंद थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने पार्षद समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।

अब जानिए पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक, भुनेश्वर यादव (31) नकटी ग्राम का रहने वाला था। वह मोनेट कंपनी में ऑपरेटर के पद पर काम करता था। 22 मई की शाम से लापता था। परिजनों ने मंदिर हसौद थाने में भुनेश्वर की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

घटना वाले दिन मंदिर हसौद की शराब भट्ठी के पास भुनेश्वर दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान पानी को लेकर उसका झगड़ा हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि भुवनेश्वर और निर्दलीय पार्षद नोहर रात्रे के बीच गाली-गलौज हो गई।

गुस्से में पार्षद अपने दोस्तों अमित सिंह राजपूत और हेमचंद बंजारे के साथ मिलकर भुवनेश्वर को कार में बैठाकर महासमुंद के महानदी किनारे ले गया। वहां तीनों ने भुनेश्वर की हाथ-मुक्कों से बुरी तरह पिटाई की।

मारपीट में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की साजिश रची।

गड्ढा खोदकर शव दफनाया

इसके बाद आरोपियों ने नांदगांव निवासी अपने मामा श्रवण जांगड़े की मदद से शव को ठिकाने लगाया। उन्होंने महानदी किनारे एक टापूनुमा स्थान पर गड्ढा खोदकर भुनेश्वर के शव को दफना दिया था। इधर, पुलिस भुनेश्वर की तलाश में जुटी हुई थी।

पुलिस को जांच में भुनेश्वर का लास्ट लोकेशन का पता चला, जो मंदिर हसौद के आसपास था। इसके बाद पूछताछ में पुलिस को पता चला कि उसे आखिरी बार नोहर दास रात्रे और उसके कुछ साथियों के साथ शराब पीते देखा गया था। तब से वह लापता था।

 

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