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दुर्ग जिले में भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से स्क्रैप चोरी कर अवैध कमाई करने वाले संगठित नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी

IBN24 Desk: दुर्ग (छत्तीसगढ़)दुर्ग जिले में भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से स्क्रैप चोरी कर अवैध कमाई करने वाले संगठित नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस को करोड़ों रुपए की संपत्ति और निवेश से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। मामले के मुख्य आरोपी संजय सिंह से पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी से अर्जित रकम को जमीन, मकान और आभूषणों में निवेश किया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के लॉकर की जांच की, जहां से करीब 50 लाख रुपए के जेवर और लगभग 3 करोड़ रुपए की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए।

मामले की शुरुआत 26 मई 2026 को हुई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि भिलाई के हथखोज क्षेत्र स्थित ए.के. ट्रेडर्स में बड़ी मात्रा में संदिग्ध स्क्रैप रखा गया है। जांच में पता चला कि फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में बीएसपी से चोरी किया गया लोहा बाहर भेजा जा रहा था।

मौके पर कई ट्रकों और हाईवा वाहनों में लोहे की प्लेट, बीम कटिंग और अन्य स्क्रैप सामग्री लोड मिली थी। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के लोहे को व्यवस्थित तरीके से एकत्र कर उसकी बिक्री की जा रही थी

250 टन स्क्रैप जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 250 टन लोहे की प्लेट, बीम कटिंग और अन्य स्क्रैप सामग्री जब्त की थी। इसकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल किए गए वाहन, मशीनें भी जब्त की गई थीं। कुल जब्ती की कीमत करीब 3.22 करोड़ रुपए बताई गई है।

अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में पहले ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। वहीं मुख्य आरोपी संजय सिंह फरार था। उसकी तलाश में पुलिस टीम उत्तर प्रदेश भेजी गई थी, जहां देवरिया क्षेत्र से उसे गिरफ्तार किया गया। 16 जून को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सात दिन की रिमांड ली।

पूछताछ के दौरान अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा और आकाश कुमार सिंह की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने चोरी के लोहे की बिक्री और उससे हुई कमाई को संपत्तियों में लगाने की बात स्वीकार की है।

घटनास्थल पर ले जाकर जुटाए साक्ष्य

जांच के दौरान पुलिस आरोपियों को खुर्सीपार गेट से एसएमएस-3 तक घटनास्थल पर भी लेकर गई, जहां पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने उन वाहनों की फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की हैं, जिनका उपयोग स्क्रैप के परिवहन में किया गया था।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों की चल और अचल संपत्तियों की जांच जारी है। आवश्यकता पड़ने पर आगे कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच जारी है।

 

 

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