IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना संबंधी अंतर्विभागीय समिति की द्वितीय बैठक में सिरपुर के समग्र विकास, पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार और विश्वस्तरीय विरासत गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिला प्रशासन महासमुंद, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रथम बैठक के निर्णयों पर हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए पर्यटन सचिव ने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में मिश्रित श्रेणी में शामिल कराने के लिए तैयार प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए तथा एकीकृत विकास की कार्ययोजना को निर्धारित समय-सीमा में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिरपुर की समृद्ध बौद्ध, जैन और हिंदू विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को उपलब्ध कराने, गाइडों के न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने तथा लक्ष्मण मंदिर, पर्यटन सूचना केंद्र और अन्य प्रमुख स्थलों पर उनकी सूची एवं संपर्क विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीय गाइडों को विभिन्न विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने तथा प्रशिक्षित गाइडों को पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पुरातत्व संस्थानों में अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में सिरपुर आने वाले पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत कोडार डैम और रायकेश तालाब में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बांस राफ्टिंग, नौकायन तथा कैंटीन संचालन जैसी गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे और पर्यटकों को नए अनुभव प्राप्त होंगे।
पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लक्ष्मण मंदिर परिसर के आसपास सुव्यवस्थित पार्किंग, स्मृति चिन्ह बिक्री केंद्र, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया और अन्य आवश्यक सुविधाओं का शीघ्र विकास करने का निर्णय लिया गया। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन को विकास कार्यों की प्रगति नियमित रूप से साझा करने के निर्देश भी दिए गए।
सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए सुरंग टीला में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। इसके लिए ह्वेनसांग की यात्रा, कलचुरी काल, बौद्ध, जैन एवं हिंदू विरासत, सूर्यवर्मा-वासटा, वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर तथा लोरिक-चंदा जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्क्रिप्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में आगामी सिरपुर महोत्सव को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने पर भी सहमति बनी। महोत्सव में सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित विशेष एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही दक्षिण एशियाई देशों से अधिकाधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार एवं रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया।
