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महासमुंद जिले के परसवानी धान खरीदी केंद्र में हुए फर्जीवाड़ा की दोबारा होगी जांच। कलेक्टर ने दिए दोबारा जांच के निर्देश।

IBN24 Desk: महासमुंद (छत्तीसगढ़) जिले परसवानी धान खरीदी केंद्र में करोड़ो के बोगस धान खरीदी मामला प्रकाश में आने के बाद महासमुंद कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए थे प्राथमिक स्तर पर जांच भी हुई लेकिन जिन बिंदुओं के आधार पर जांच होनी थी उन बिन्दुओ पर जांच नही की गई और धान खरीदी के कर्मचारियों को क्लीनचिट देने का प्रयास किया गया है।

जांच रिपोर्ट में कई खामियां है जांच रिपोर्ट देखने के बाद महासमुंद कलेक्टर श्री नीलेश कुमार क्षीरसागर ने जांच रिपोर्ट में खामियों को देखते हुए मामले की दोबारा विस्तार से जांच के निर्देश दिए है। 15 मार्च से 17 मार्च के बीच परसवानी धान खरीदी केंद्र से कई ट्रको के माध्यम से मनीष एसोसिएट्स बागबाहरा,  A. S. राईस और श्री बालाजी इन्डस्ट्री झलप में 2040 क्विंटल धान जाना बताया गया है जबकि मीडिया की टीम 12 मार्च को इस खबर की पड़ताल करने धान खरीदी केंद्र परसवानी पहुची थी तब मौके पर लगभग 800 क्विंटल धान ही बचा था। जिसकी वीडियोग्राफी भी की गई है और वीडियोग्राफी को सुरक्षित रखा गया है। अब सवाल उठता है कि धान खरीदी केंद्र में उतना धान ही नही है तो राईस मील में धान कहा से पहुच गया।

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दोबारा जांच इन बिंदुओं के आधार पर किया जाएगा 15 मार्च 16 मार्च और 17 मार्च को जिन ट्रको से धान का परिवहन धान खरीदी केंद्र परसवानी से राईस मील के लिये किया गया है उस ट्रक का धान खरीद केंद्र के टेबलेट मोबाइल में फ़ोटो लिया गया है कि नही, अगर नही लिया गया तो क्यो नही लिया गया। उन ट्रको में लगे GpS से 15 मार्च 16 मार्च और 17 मार्च को ट्रक का लोकेशन कहा कहा था। परसवानी धान खरीदी केंद्र से जिन जिन राईस मीलो धान गया है अगर उसके रास्ते मे टोल प्लाजा आता है तो वहाँ के cctv में ट्रको के फुटेज चेक किए जाएंगे साथ ही राईस मीलो में लगे cctv से उस दिन का फुटेज चेक किया जाएगा जिस दिन ट्रक से परसवानी धान खरीदी केंद्र से राईस मीलो में धान जाना बताया गया है। महासमुंद कलेक्टर श्री नीलेश कुमार क्षीरसागर का कहना है कि प्राथमिक जांच रिपोर्ट में जांच अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा करने वाले कर्मचारियों को बचाने का अगर प्रयास किया होगा तो उन जांच अधिकारियों के खिलाफ भी कायर्वाही की जाएगी।

नीचे देखिए महासमुंद कलेक्टर ने इस मामले में क्या कहा।

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