IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप को-प्रमोटर रवि उप्पल को UAE में गिरफ्तार किया गया है। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुरोध पर इंटरपोल की ओर से जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने यह कार्रवाई की।
हालांकि, भारतीय जांच एजेंसियों को अभी तक गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। एजेंसियां UAE के अधिकारियों से गिरफ्तारी की पुष्टि कराने और रवि उप्पल को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।
यह गिरफ्तारी महादेव ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के तीन दिन बाद हुई है। CBI ने 1 नवंबर को ओमान की अदालत के आदेश के बाद सौरभ चंद्राकर को भारत लाया था। वहीं, ED उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रहा है।
करोड़ों के हवाला लेनदेन संभालता था रवि उप्पल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, रवि उप्पल महादेव सट्टा ऐप के नेटवर्क में अहम भूमिका निभाता था। वह करोड़ों रुपए के हवाला लेनदेन संभालता था। छत्तीसगढ़ में नेताओं और अफसरों से संपर्क बनाए रखने की जिम्मेदारी भी उसी के पास थी।
अधिकारियों के मुताबिक, रवि उप्पल की उम्र 46 साल है। उसे 2023 में भी UAE के अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। हालांकि, बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
इसके बाद उसके प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश वानुअतु जाने और वहां की नागरिकता हासिल करने की जानकारी सामने आई थी।
रेड कॉर्नर नोटिस हटवाने की कोशिश भी की थी
नवंबर 2025 में ED को जानकारी मिली थी कि रवि उप्पल UAE में नहीं मिल रहा है और उसका पता नहीं चल पा रहा है। इसके बाद जनवरी 2026 में उसने इंटरपोल के कमीशन फॉर द कंट्रोल ऑफ फाइल्स (CCF) में अपील कर अपना रेड कॉर्नर नोटिस हटाने की मांग की थी।
ED ने उसकी अपील का विरोध किया था। एजेंसी ने उसे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांटेड आरोपी और फरार बताया था। ED के मुताबिक, इस मामले में करीब 80 हजार करोड़ रुपए की कथित अपराध से अर्जित संपत्ति की जांच की जा रही है।
हालांकि, रवि उप्पल की रेड कॉर्नर नोटिस हटवाने की कोशिश सफल नहीं हुई। इसके बाद वह फिर UAE लौट आया था। हालांकि, उसके वापस लौटने की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं।
