Homeभारतवेतन नहीं मिलने से प्रदेश भर के समग्र शिक्षा के प्रोग्रामरों में...

वेतन नहीं मिलने से प्रदेश भर के समग्र शिक्षा के प्रोग्रामरों में आक्रोश। जनवरी व फरवरी माह का नहीं मिला है वेतन। प्रोग्रामरों के एक दिन के हड़ताल से चरमराया गया था डिजिटल सिस्टम।

IBN24 Desk : रायपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ राज्य में समग्र शिक्षा अंतर्गत कार्यरत प्रोग्रामर एवं सहायक प्रोग्रामर को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन नहीं मिलने से इन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। जनवरी तथा फरवरी माह का वेतन नहीं मिलने से ये कर्मचारी पिछले दिनों सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। इससे शिक्षा विभाग की पूरी ऑनलाइन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। इं ऑफिस का संपूर्ण संचालन कमोवेश प्रोगामरों पर निर्भर है। उनके अवकाश में चले जाने से जिलों में न तो ओनलाइन एंट्री हो पाई और न ही राज्य स्तर पर डेटा अपडेट किया जा सका। कई महत्वपूर्ण रिपोर्ट समय पर शासन को नहीं भेजी जा सकी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में भारी अव्यवस्था उत्पन्न हो गई। 

ऐसे में चरमाएगी विभाग की कार्य प्रणाली

सवाल यह उठता है कि जिस डिजिटल व्यवस्था पर पूरा शिक्षा विभाग निर्भर है, उसके संचालनकर्ताओं की अनदेखी आखिर कब तक की जाएगी। यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक चरमरा सकती है। प्रोग्रामरों ने शासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर लंबित वेतन फाइलों को स्वीकृति देने और स्थायी समाधान की मांग की है।

शिक्षा विभाग की रीढ़ है प्रोग्रामर

प्रोग्रामर वर्ग शिक्षा विभाग की रीढ़ माने जाते हैं, जिनके माध्यम से छात्र डेटा प्रबंधन, छात्रवृत्ति पोर्टल, उपस्थिति प्रणाली, स्कूल प्रोफाइल अपडेट, परीक्षा परिणाम, यू-डायस प्लस, विभिन्न शैक्षणिक रिपोटिंग और शासन की सभी डिजिटल योजनाएं संचालित होती है। उनके सामूहिक अवकाश पर चले जाने से ये सभी सेवाएं अचानक ठप्प हो गई। यह बता दें कि हर जिले में एक प्रोग्रामर, एक सहायक प्रोग्रामर तथा राज्य में 7 प्रोग्रामर व कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त है।

सभी तकनीकी सहायता भी पूरी तरह बंद हो गई थी। बताया जा रहा है कि वेतन भुगतान से संबंधित फाइल लंबे समय से राज्य स्तर पर लंबित रहने और बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद

कोई ठोस निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

प्रोग्रामरों का कहना है कि वे लंबे समय से अल्प वेतन, अस्थायी व्यवस्था और भुगतान में

देरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। राज्य स्तर पर वेतन स्वीकृति की फाइल महीनों से लंबित है और किसी भी अधिकारी द्वारा स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा।

आर्थिक संकट से जूझते हुए कर्मचारियों के सामने परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों को मौखिक एवं लिखित रूप से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। जब स्थिति असहनीय हो गई, तब उन्हें मजबूर होकर सामूहिक अवकाश का रास्ता अपनाना पड़ा। इस स्थिति का सीधा असर विद्यार्थियों और स्कूल प्रशासन पर पड़ा। छात्रवृत्ति भुगतान में देरी, प्रवेश प्रक्रिया में बाधा, शैक्षणिक योजनाओं की रिपोर्टिंग में रुकावट और शासन की मॉनिटरिंग व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments