IBN24 Desk : रायपुर (छत्तीसगढ़) रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में डॉक्टरों की टीम ने एक मरीज के शरीर से 10.30 किलो वजनी विशाल ट्यूमर निकाल दिया। यह ट्यूमर मरीज की पीठ पर पिछले करीब 15 साल से बढ़ रहा था, जिससे उसे चलने-फिरने और रोजमर्रा के कामों में गंभीर दिक्कत हो रही थी।
चलना-फिरना मुश्किल, 15 साल से बढ़ रही थी गांठ
डॉक्टरों के मुताबिक ट्यूमर धीरे-धीरे इतना बड़ा हो गया था कि मरीज के लिए बैठना, उठना और सोना तक मुश्किल हो गया था। लंबे समय से वह शारीरिक दर्द के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक परेशानियों से भी जूझ रहा था।
जटिल सर्जरी, टीम ने निकाला ट्यूमर
अस्पताल के सर्जरी विभाग ने जांच के बाद ऑपरेशन का फैसला लिया। टीम का नेतृत्व सर्जन डॉ. संतोष सोनकर और विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह ने किया। उनके साथ सर्जन डॉ. राजेंद्र रात्रे, डॉ. मयंक भूषण मिश्रा और डॉ. प्रेक्षा जैन शामिल रहे।
डॉक्टरों का कहना है कि इतने बड़े ट्यूमर को निकालना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव, संक्रमण और शरीर के अन्य हिस्सों को नुकसान का खतरा रहता है। इसके बावजूद टीम ने सफलतापूर्वक सर्जरी पूरी की।
एनेस्थीसिया टीम की अहम भूमिका
ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखना भी बड़ी चुनौती थी। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. जया लालवानी और डॉ. प्रतिभा जैन शाह ने यह जिम्मेदारी संभाली।
ऑपरेशन के बाद हालत स्थिर, मरीज डिस्चार्ज
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक रही और रिकवरी के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों के मुताबिक अब मरीज सामान्य जीवन जी सकेगा।
देश में कम ही ऐसे केस
मेडिकल रिकॉर्ड के मुताबिक भारत में इससे पहले करीब 8 किलो तक के ट्यूमर निकालने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में 10.30 किलो ट्यूमर का ऑपरेशन राज्य के सरकारी अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
