Homeअपराधछत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नाबालिग लड़की की रेप के बाद गला...

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नाबालिग लड़की की रेप के बाद गला दबाकर हत्या कर दी

IBN24 Desk : रायपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नाबालिग लड़की की रेप के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई। अब हाईकोर्ट चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने आरोपी की अपील को खारिज कर दिया है।

हाईकोर्ट ने इस केस में DNA प्रोफाइलिंग को सबसे अहम सबूत मानते हुए आरोपी की मौत तक कैद की सजा को बरकरार रखा है। डिवीजन बेंच ने कहा कि, DNA प्रोफाइलिंग सबसे अहम सबूत साबित हुई। अगर वैज्ञानिक सबूत मजबूत हों और गवाहों से मेल खाते हों, तो वही सजा का आधार बन सकते हैं।

दरअसल, बीजापुर के जांगला थाना क्षेत्र में 15 साल की नाबालिग लड़की 13 जनवरी 2020 को बाजार जाने के लिए निकली थी। इस दौरान उसकी दादी ने उसे अकेले जाने से मना किया, तभी 19 वर्षीय बबलू कलमू वहां पहुंचा। उसने दादी को भरोसा दिलाया कि, वह बच्ची को सुरक्षित वापस ले आएगा, लेकिन मासूम कभी घर नहीं लौटी और वो लापता हो गई।

क्षत-विक्षत हालत में मिली लाश, स्कूल ड्रेस से हुई पहचान

इस घटना से परेशान परिजन ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस अपहरण की आशंका से केस दर्ज कर लापता लड़की की तलाश में जुट गई। करीब एक सप्ताह बाद गांव के पास लड़की की लाश मिली। परिजनों ने शव की पहचान उसके स्कूल ड्रेस से की।

रेप के बाद गला दबाकर की थी हत्या

लड़की का शव मिलने के बाद पुलिस ने उसका पोस्टमॉर्टम कराया। पीएम रिपोर्ट में लड़की का गला दबाकर हत्या करना पाया गया। इसके साथ ही उसके साथ रेप की पुष्टि भी हुई। इस पर पुलिस ने रेप और हत्या का केस दर्ज कर संदेही बबलू को गिरफ्तार कर लिया। जांच के बाद उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश किया गया।

आरोपी का DNA मैच, यही बना सजा का आधार

रेप और हत्या के इस मामले में कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, लेकिन पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए बबलू को गिरफ्तार किया। मृतका के शरीर से मिले नमूनों का मिलान किया गया। जब आरोपी के बबलू का DNA टेस्ट कराया गया और सैंपल से मैच कराया गया, तो वह पूरी तरह मैच हो गया।

ट्रायल के दौरान कोर्ट ने इसे अहम सबूत माना। इसके अलावा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि, बच्ची की मौत गला घोंटने से हुई थी। हत्या से पहले उसके साथ दरिंदगी की गई थी। इसके अलावा आरोपी ने ग्रामीणों के सामने भी अपना जुर्म कबूल किया था। जिसे कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण माना।

ट्रायल कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

जिसके बाद दंतेवाड़ा के पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को आईपीसी की धारा 302 और धारा 376 (एबी) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए प्राकृतिक मौत तक उम्रकैद की सजा दी थी। इस फैसले के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की थी।

हाईकोर्ट बोला- वैज्ञानिक सबूत मजबूत, यही सजा का आधार

इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में हुई। आरोपी की तरफ से दी गई दलील में कहा गया कि, बिना किसी शक के उसे दोषी साबित किया गया है। हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। साथ ही कहा कि इस मामले में DNA प्रोफाइलिंग सबसे अहम सबूत साबित हुई।

कोर्ट ने साफ कहा कि अगर वैज्ञानिक सबूत मजबूत हों और गवाहों से मेल खाते हों, तो वही सजा का आधार बन सकते हैं। इस केस में मेडिकल और DNA जैसे वैज्ञानिक सबूत पूरी तरह भरोसेमंद हैं। गवाहों के बयान भी इन्हीं सबूतों से मेल खाते हैं। सभी परिस्थितियां साफ तौर पर आरोपी की ओर इशारा करती हैं। कोर्ट ने माना कि यह रेप के बाद हत्या का मामला है, जिसमें कोई संदेह नहीं बचता।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments