Homeछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक अधूरा पुल 3 साल से अधूरा...

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक अधूरा पुल 3 साल से अधूरा पड़ा

IBN24 Desk:  गरियाबंद (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक अधूरा पुल 3 साल से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का आरोप है कि पुल अधूरा होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल जाने के लिए 20 फीट की सीढ़ी लगाकर अधूरे पुल को पार करना पड़ता है।

इसके बाद पिलर पर बिछाई गई सेंटरिंग प्लेट और प्लाई के सहारे नदी पार करनी पड़ती है। दोनों ओर गहरी खाई है और पुल से सरिए निकले हुए हैं। अगर कोई गिर जाता है तो उसकी जान भी जा सकती है। इस स्थिति में भी हर रोज 30 से ज्यादा बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।

PWD के इंजीनियर का कहना है कि 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है और एप्रोच का काम बाकी है। उनका कहना है कि बारिश खत्म होने के बाद जल्द ही बाकी काम पूरा कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि कंस्ट्रक्शन कंपनी को 70 फीसदी राशि का भुगतान कर दिया गया है। इसके बाद भी पुल बनकर तैयार नहीं हुआ है। मामला ब्लॉक मैनपुर के ग्राम खामभाठा का है।

5.66 करोड़ की लागत से बनना था 90 मीटर पुल

जानकारी के मुताबिक, पंचायत मुख्यालय देहारगुड़ा और खामभाठा गांव के बीच पैरी नदी बहती है। खामभाठा समेत तीन से ज्यादा गांवों के लोगों की सुविधा के लिए पूर्ववर्ती सरकार ने साल 2021 में पैरी नदी पर 90 मीटर पुलिया निर्माण के लिए 5 करोड़ 66 लाख रुपए की मंजूरी दी थी।

साल 2023 में पुल निर्माण को तकनीकी स्वीकृति मिली थी और इसे साल 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन पिछले साल से पुल अधूरा पड़ा है। ऐसे में ग्रामीण और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।

30 से ज्यादा बच्चे जोखिम उठाकर पहुंचते हैं स्कूल

ग्रामीण नक्छेना राम और हितराम सांडे ने बताया कि 30 से ज्यादा स्कूली बच्चों को देहारगुड़ा स्कूल पहुंचने के लिए अधूरे पुल से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं ग्रामीणों को भी रोजाना पंचायत मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालय आने-जाने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है।

बारिश के दौरान पैरी नदी का बहाव तेज होने पर परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों को करीब 20 फीट की सीढ़ी चढ़कर अधूरे पुल पर पहुंचना पड़ता है। इसके बाद पुल पर बिछाई गई सेंटरिंग प्लेट और प्लाई के सहारे जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ती है।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments