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आधुनिक तकनीक और नवाचार से अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई दिशा : आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी

IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को आधुनिक तकनीक, नवाचार और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से आर्थिक रूप से सुदृढ़, आत्मनिर्भर तथा बहुआयामी अधोसंरचना विकास संस्था के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से मंडल द्वारा नवा रायपुर अटल नगर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेशभर से आए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक निर्माण तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), वित्तीय प्रबंधन, संपदा प्रबंधन, टाउन प्लानिंग स्कीम तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि बदलते समय और विकास की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप मंडल को अपनी कार्यप्रणाली, तकनीकी दक्षता और कार्यक्षेत्र का विस्तार करना होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार मंडल को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर संस्था के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, नवाचार, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति अपनाकर मंडल प्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई दिशा दे सकता है।

आवास निर्माण के साथ अधोसंरचना विकास की बड़ी परियोजनाओं में भी अपनी पहचान बनाए मंडल : मंत्री श्री चौधरी

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के पास अनुभवी अभियंताओं, तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों का बड़ा मानव संसाधन उपलब्ध है। इस विशेषज्ञता और अनुभव का उपयोग केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मंडल को सड़क, पुल-पुलिया, खेल परिसर, स्टेडियम, सार्वजनिक भवन, टाउन प्लानिंग तथा शहरी पुनर्विकास जैसी परियोजनाओं के निर्माण में भी विशेषज्ञ संस्था के रूप में अपनी पहचान स्थापित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि मंडल को अपनी तकनीकी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का विस्तार करते हुए अन्य राज्यों की निविदाओं में भी भागीदारी के अवसर तलाशने चाहिए। इसके लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को आधुनिक निर्माण तकनीकों, बेहतर परियोजना प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन और गुणवत्ता नियंत्रण के क्षेत्र में निरंतर अपनी दक्षता बढ़ानी होगी।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मंडल की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार के सहयोग से मंडल की लगभग 700 करोड़ रुपये की ऋण देनदारी समाप्त की गई है। इसके साथ ही वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस-2) योजना तथा प्रभावी विपणन प्रयासों के माध्यम से लंबे समय से रिक्त पड़ी आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के विक्रय को गति मिली है।

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