IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) दादा ने राम का किरदार निभाया, पिता राम बने और अब बेटा उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। वहीं, पिता के 28 साल तक लक्ष्मण की भूमिका निभाने के बाद अब बेटा यह किरदार निभा रहा है। रायपुर के दलदल सिवनी गांव की रामलीला में तीसरी पीढ़ी मंच पर उतर रही है।
करीब 89 साल से चली आ रही इस परंपरा में कलाकार बदलते रहे, लेकिन रामलीला को आगे बढ़ाने का संकल्प नहीं बदला। यहां 5 साल के बच्चों से लेकर 70 साल के बुजुर्ग कलाकारों तक की भागीदारी है। सभी का उद्देश्य अपने पूर्वजों की इस धरोहर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है।
इस रामलीला में किरदार निभाना सिर्फ अभिनय नहीं, परिवार की विरासत को संभालना भी है। बुजुर्ग कलाकार बच्चों को संवाद बोलने, वेशभूषा पहनने और मंच पर अभिनय करने की बारीकियां सिखाते हैं। नई पीढ़ी भी पढ़ाई और दूसरी जिम्मेदारियों के साथ रामलीला के लिए समय निकालती है। यही वजह है कि यहां राम, लक्ष्मण समेत कई पात्रों की परंपरा परिवारों के भीतर आगे बढ़ रही है।
