IBN24 Desk: सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़) सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सलिहा थाना क्षेत्र के ग्राम कुशभाठा में शराब पीने से रोकने की बात को लेकर शुरू हुआ विवाद दो पक्षों के बीच मारपीट तक पहुंच गया। घटना में दोनों पक्षों के करीब 9 लोगों को चोटें आने की जानकारी सामने आई है।
मामले में सलिहा पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। दोनों एफआईआर में कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरपंच के समझाने पर शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, गांव के सरपंच चंद्रशेखर नायक ने पवन खड़िया, सज्जन खड़िया समेत कुछ लोगों को गांव में शराबबंदी होने की बात कहते हुए शराब नहीं पीने और गाली-गलौज नहीं करने के लिए कहा था। आरोप है कि इस दौरान शराब पी रहे लोगों ने सरपंच को गाली दी। इसके बाद सरपंच पक्ष के लोगों ने गाली देने की बात को लेकर उनके साथ मारपीट की और आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने शराब पी रहे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। मामला जमानती होने के कारण उन्हें रिहा कर दिया गया। अगले दिन विवाद फिर बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई।
दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर
प्राप्त एफआईआर की प्रतियों के मुताबिक, सलिहा पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। एफआईआर क्रमांक 0080 में भूपेन्द्र नायक, चंद्रशेखर नायक, मुकेश, झसकेतन, नरेश नायक, पिंटू नायक, हेमंत नायक और गिरधर नायक के नाम आरोपी के रूप में दर्ज हैं।
वहीं, एफआईआर क्रमांक 0081 में पवन खड़िया, सज्जन खड़िया, उपसेन खड़िया, बसंत खड़िया, दोरी खड़िया, किशन बरिहा, दीपक यादव और सुखदेव यादव को आरोपी बनाया गया है।
मारपीट का वीडियो सामने आने की चर्चा
घटना में दोनों पक्षों के करीब 9 लोगों को चोटें आने की जानकारी है। मारपीट का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। इस घटना को लेकर गांव में चर्चा है। पुलिस घायलों के मेडिकल परीक्षण, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। एक मामले की जांच उप निरीक्षक पुरेन्द्र कुमार को सौंपी गई है।
पुलिस के अनुसार, एफआईआर में दर्ज तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद और मारपीट में किसकी क्या भूमिका रही।
