Homeछत्तीसगढ़मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से ग्रामीण महिलाओं को मिल...

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से ग्रामीण महिलाओं को मिल रहे रोजगार के नए अवसर, रेडी-टू-ईट निर्माण से सरस्वती समूह को हर महीने 50 हजार रुपये का मुनाफा

IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी दिशा में राज्य शासन द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार रेडी-टू-ईट निर्माण का कार्य सौंपने की पहल ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को मजबूत बनाने का माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उदाहरण रायगढ़ जिले के डूमरमुड़ा स्थित सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह की 10 महिलाएं हैं, जो रेडी-टू-ईट पोषण आहार का निर्माण कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं। समूह को इस कार्य से प्रतिमाह लगभग 50 हजार रुपये तक का मुनाफा प्राप्त हो रहा है।

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की प्राथमिकताओं में महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और बच्चों एवं माताओं के पोषण स्तर में सुधार शामिल है। महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट निर्माण से जोड़ने की पहल इन दोनों उद्देश्यों को एक साथ आगे बढ़ा रही है। इससे एक ओर ग्रामीण महिलाओं को अपने गांव और आसपास ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने में सहायता मिल रही है।

वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में जिले में महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने और स्व-सहायता समूहों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेडी-टू-ईट निर्माण जैसी गतिविधियां महिलाओं को नियमित आय अर्जित करने के साथ उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और वितरण जैसे कार्यों का व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान कर रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है और वे परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

अप्रैल 2026 से रेडी-टू-ईट निर्माण कर रही हैं सरस्वती समूह की महिलाएं

रायगढ़ जिले के डूमरमुड़ा स्थित सरस्वती स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती चम्पा चौहान बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद समूह की महिलाओं को आजीविका के नए अवसर प्राप्त हुए। अप्रैल 2026 से समूह को रेडी-टू-ईट पोषण आहार निर्माण का कार्य मिला। इसके बाद समूह की सभी 10 महिलाएं इस गतिविधि से जुड़कर नियमित रूप से कार्य कर रही हैं। पहले महिलाओं के पास आय अर्जित करने के सीमित अवसर थे, लेकिन अब वे समूह के माध्यम से सामूहिक रूप से कार्य करते हुए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बना रही हैं।

श्रीमती चौहान बताती हैं कि रेडी-टू-ईट निर्माण से समूह की महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वे अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं आय अर्जित कर रही हैं। इससे परिवार के दैनिक खर्चों को पूरा करने में मदद मिल रही है। साथ ही समूह की महिलाओं को सामूहिक निर्णय लेने, कार्यों का प्रबंधन करने और आर्थिक गतिविधियों के संचालन का अनुभव भी प्राप्त हो रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments