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महासमुंद जिले के कई आधार ऑपरेटर परेशान। किये गए कार्य का भुगतान आज तक नही मिला। भुगतान की मांग करने पर मिलती है पेनाल्टी।

IBN24 Desk : महासमुमद (छत्तीसगढ़) महासमुन्द जिले के कई आधार ऑपरेटर परेशान है उन्होंने आरोप लगाया है कि  चिप्स के अधीन सन् 2016 से कार्यरत आधार ऑपरेटर जिनकी संख्या वर्तमान में लगभग 30 से अधिक है। आधार ऑपरेटर को नया आधार पंजीयन व अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट का भुगतान चिप्स के द्वारा किया जाना है जो कि कुछ आधार ऑपरेटर्स को 2016 से आज तक व कुछ को 2021 से आज तक राषि का भुगतान किया जाना है जिस संबंध में आधार ऑपरेटर्स द्वारा विगत कई वर्शों से लगातार आग्रह किया गया जिस पर आज तक विचार नहीं किया गया है।
हमारे द्वारा हमारा भुगतान की मांग किये जाने पर आधार ऑपरेटर्स के नाम पर भारी भरकम पेनाल्टी जारी कर दिया गया है जो कि अधिकतम राषि 3,00,000/- रू. से अधिक का जारी किया गया है। यू आई डी ए आई के द्वारा चिप्स एजेन्सी को हर तीन महीने में पेनाल्टी राषि काट कर भुगतान करती है उसके बाद हमसे पेनाल्टी के नाम पर राषि वसूली जा रही है। कुछ ने पेनाल्टी राषि जमा कर दी है उन्हे पेनाल्टी राषि प्राप्ति की रसीद भी प्रदान नहीं किया जा रहा है।
2017 से आज तक हम सभी आधार आॅपरेटर्स आधार में सेवा देते आ रहे है और वर्तमान में इन हाऊस माॅडल के नाम पर हम सभी पुराने आधार ऑपरेटर्स को उक्त सेवा से बाहर कर बेरोजगार कर दिया गया है, हमे इन हाऊस मॉडल में भर्ती प्रक्रिया में 12वीं प्रतिशत के आधार पर नया सिरे से नया भर्ती कर के हमे इन हाउस मॉडल से हटा दिया गया और आज हमारे रोजी रोटी का साधन यही आधार ही है जिससे हम अपना घर परिवार का भरण पोशण करते आ रहे है आज हमें ऐसे स्थित में ला के खड़ा कर दिया है कि हमें बेरोजगारी के साथ परिवार के पालन पोशण के लिए जूझना पड़ रहा है।
वर्तमान में समस्त षालाओं में अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट षिविर आयोजन किया गया है जिसमें यू आई डी ए आई के निर्देष अनुसार अनिवार्य बायोमैट्रिक अपडेट का कार्य निःषुल्क (तय नियमानुसार रसीद में आए राषि के अनुसार) किया जाना है परन्तु उक्त कार्य का भुगतान हमें कब और किसके द्वारा किया जावेगा वह स्पश्ट नहीं की जा रही है। यदि आवेदन उपरांत हितग्राही के नाम पर यदि पर्ची में राषि छपता है तो नियमानुसार वह तय राषि आधार आॅपरेटर्स को लिया जाना है जिसकी जानकारी षालाओं में नहीं होने के कारण उक्त षिविर में दुविधा और समस्या की स्थिति बन रही है। उक्त समस्या के निवारण हेतु समस्त आधार ऑपरेटर्स के द्वारा केवल लिखित आदेष की मांग की गई है जिसमें स्पश्टरूप से राषि का उल्लेख हो कि कौन से कार्य में कितना राषि निर्धारित है जिस हेतु लिखित आदेष/अनुमति भी नहीं दिया जा रहा है।

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