IBN24 Desk: रायगढ़ (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा रेंज में जंगल जमीन पर अतिक्रमण रोकने पहुंचे वनकर्मियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। डिप्टी रेंजर और वन रक्षक को टांगी और डंडों से मारने के लिए दौड़ाया गया। दोनों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद घरघोड़ा पुलिस ने 7 नामजद समेत कई ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, जशपुर निवासी विजय कुमार मिंज (54), जो घरघोड़ा रेंज के चिमटापानी परिक्षेत्र में डिप्टी रेंजर हैं। अपने साथ वन रक्षक सुभाष कुमार कर्ष के साथ चोटीगुड़ा बीट के कक्ष क्रमांक 1348 (पीएफ) ग्राम बिच्छीनारा में गश्त पर गए थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि कुछ ग्रामीण पोकलेन मशीन से जंगल की जमीन साफ कर पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा रहे थे।
वनकर्मियों ने जब ग्रामीणों से इस काम की अनुमति के बारे में पूछा और अतिक्रमण न करने की समझाइश दी, तो ग्रामीण भड़क गए। उनका कहना था कि हमारी जमीन को NTPC अधिग्रहण कर लिया है, हम लोग कहां रहेंगे, इसलिए हम इस जमीन में अपना घर मकान बनाकर रहेंगे।
टांगी-डंडा लेकर दौड़ाया, जान से मारने की धमकी
आरोप है कि दयाराम चौहान, रामप्रसाद सारथी, परखित उरांव, बलराम उरांव, प्रमोद उरांव, कुमार उरांव सहित कई ग्रामीण गाली-गलौज करते हुए टांगी और डंडा लेकर वनकर्मियों पर टूट पड़े। जान से मारने की धमकी देते हुए उन्हें दौड़ाया गया।
भागकर बचाई जान
स्थिति बिगड़ती देख डिप्टी रेंजर और वन रक्षक मौके से भाग निकले और अपनी जान बचाई। बाद में कटंगडीह परिसर रक्षक सुरेंद्र सिंह सिदार को सूचना दी गई, लेकिन ग्रामीण नहीं माने और आक्रोशित बने रहे।
7 नामजद समेत कई पर केस दर्ज
घटना के बाद वन विभाग ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी और लिखित शिकायत घरघोड़ा थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने शनिवार को 7 नामजद आरोपियों सहित अन्य ग्रामीणों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
