IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) एक कुम्हार के हाथों से गढ़ी मिट्टी की सोंधी खुशबू आज सिर्फ बर्तनों तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका की मिसाल बन चुकी है। दुर्ग निवासी 27 वर्षीय धन्नू राम चक्रधारी इसी परिवर्तन की जीवंत तस्वीर हैं, जो अपने पारंपरिक हुनर के दम पर न केवल परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय बाजार में अपनी अलग पहचान भी स्थापित कर चुके हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों और कारीगरों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक वितरित कर उनके कार्य को नई गति प्रदान करने की पहल की। इस पहल से पारंपरिक कारीगरों के जीवन में आधुनिकता का समावेश हो रहा है, जिससे उनकी उत्पादकता और आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ी हैं।
