IBN24 Desk: दुर्ग (छत्तीसगढ़) दुर्ग की महापौर अल्का बाघमार एक बार फिर विवादों में आ गई हैं। इस बार मामला उनके निरीक्षण दौरे के दौरान सामने आए एक वीडियो को लेकर है। वीडियो में उनकी सुरक्षा में तैनात एक हथियारबंद पुलिस जवान उनके पीछे-पीछे छाता लेकर चलता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब इसकी आलोचना हो रही है।
महापौर अल्का बाघमार 26 मई को पटरीपार क्षेत्र के औद्योगिक नगर वार्ड क्रमांक 17 और 18 स्थित शक्ति नगर तालाब का निरीक्षण करने पहुंची थीं। इस दौरान उनके साथ समर्थक और स्थानीय लोग भी मौजूद थे। निरीक्षण के समय बनाया गया वीडियो खुद महापौर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया था। इसी वीडियो को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज धूप से बचाने के लिए एक पुलिस जवान महापौर के पीछे छाता लेकर चल रहा है। जवान हथियार से लैस नजर आ रहा है और लगातार उनके पीछे-पीछे चल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इसे वीआईपी संस्कृति से जोड़ते हुए सवाल उठाने शुरू कर दिए।
एनएसयूआई ने कहा- यह वीआईपी कल्चर
इस मामले में NSUI ने भी विरोध जताया है। एनएसयूआई नेता वरूण केवलतानी ने कहा कि, जनता ने जनप्रतिनिधि चुना है, कोई राजा या रानी नहीं। पुलिस व्यवस्था सुरक्षा के लिए होती है, निजी सुविधा और दिखावे के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस जवान दिन-रात मेहनत करके लोगों की सुरक्षा करते हैं और वर्दी सम्मान, अनुशासन और सेवा का प्रतीक है।
ऐसे में जवानों से इस तरह का काम करवाना ठीक नहीं माना जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की तस्वीरें लोकतंत्र पर सवाल खड़े करती हैं। अगर पुलिस जवानों को नेताओं के पीछे छाता लेकर चलना पड़ेगा, तो इससे गलत संदेश जाएगा। एनएसयूआई ने इसे पुलिस वर्दी का अपमान बताया है।
