IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) समाज में बदलते समय के साथ जहां पारिवारिक रिश्तों में दूरियां बढ़ने की खबरें अक्सर सामने आती हैं, वहीं सूरजपुर से एक ऐसी भावनात्मक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने मानवता, पारिवारिक मूल्यों और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश की है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) सूरजपुर की सकारात्मक पहल ने एक बिछड़े वृद्ध दंपत्ति को फिर से अपने परिवार से मिला दिया।
जिला कोरिया के थाना पटना क्षेत्र निवासी वृद्ध दंपत्ति श्री शंकर प्रसाद और उनकी पत्नी ने जीवनभर अपने भाइयों के बच्चों को ही अपनी संतान मानकर स्नेह और जिम्मेदारियों के साथ उनका पालन-पोषण किया। लेकिन समय के साथ उपजे पारिवारिक मतभेदों ने उन्हें अपनों से दूर कर दिया। परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्हें अपना घर छोड़कर सूरजपुर के तिलसिवा स्थित ‘स्नेह सम्बल वृद्धाश्रम’ में आश्रय लेना पड़ा।
25 मई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर की सचिव सुश्री पायल टोपनो ने वृद्धाश्रम का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने इस बुजुर्ग दंपत्ति की पीड़ा और उनकी परिस्थितियों को जाना, तो उन्होंने मामले को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया न मानते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ तत्काल पहल की। प्राधिकरण द्वारा परिवारजनों से संपर्क स्थापित कर उन्हें वरिष्ठजनों के प्रति कानूनी दायित्वों के साथ-साथ नैतिक जिम्मेदारियों के बारे में समझाइश दी गई।
