IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीवी होस्ट और बिगबॉस रियलिटी शो कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा से शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। एजेंसी ने उनके दिल्ली स्थित घर से मिले 30 लाख कैश, अवैध बेटिंग ऐप्स के प्रमोशन, विदेश यात्राओं और महादेव सिंडिकेट से कथित संबंधों को लेकर कई घंटे तक सवाल किए।
जानकारी के मुताबिक यह पूछताछ 30 मई को दिल्ली स्थित शेफाली के घर पर हुई छापेमारी के बाद शुरू हुई जांच का हिस्सा है। उस दौरान एजेंसी ने 30 लाख रुपए कैश जब्त किए थे। ED का आरोप है कि यह रकम अवैध बेटिंग ऐप्स के प्रमोशन से कमाई गई थी।
ईडी की पूछताछ में उसने बताया कि, पापा सट्टा ऐप प्रमोशन की डील्स संभालते थे। 58 लाख फॉलोअर्स वाले इंस्टाग्राम से टेलीग्राम पर भेजकर सट्टेबाजी करवाती थीं। ‘एजेंसियां कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगी’ का झांसा देकर यूजर फंसाते थे। दुबई-लंदन कनेक्शन भी रडार पर है। ED ने शेफाली, उनके पिता विपिन बग्गा और भाई शिवांश बग्गा को भी समन भेजा था।
सोशल मीडिया पर किया अवैध बेटिंग ऐप्स का प्रमोशन
ED के अनुसार, तलाशी के बाद PMLA की धारा 17 के तहत दर्ज बयान में शेफाली बग्गा ने स्वीकार किया था कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध बेटिंग ऐप्स का प्रचार किया, जबकि उन्हें पता था कि ऐसा करना गैरकानूनी है। एजेंसी का दावा है कि उन्होंने यह भी माना कि उनके घर से बरामद 30 लाख रुपए इसी प्रमोशन से हुई कमाई थी।
पिता पर डाली जिम्मेदारी
जांच एजेंसी का कहना है कि, पूछताछ के दौरान शेफाली ने बताया कि प्रमोशन से जुड़े सभी काम उनके पिता विपिन बग्गा संभालते थे। एंडोर्समेंट डील की बातचीत, कैश भुगतान लेना और उस रकम का इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की थी। ED का आरोप है कि जब्त किया गया कैश प्रमोशनल गतिविधियों से मिली रकम का हिस्सा था।
पिता और भाई अब तक नहीं हुए पेश
ED ने शेफाली, उनके पिता विपिन बग्गा और भाई शिवांश बग्गा को भी समन भेजा था। अधिकारियों के मुताबिक, शेफाली पहले तीन समन पर पेश नहीं हुई थीं। हालांकि गुरुवार और शुक्रवार को वह जांच में शामिल हुईं। वहीं, उनके पिता और भाई अभी तक एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं।
महादेव सिंडिकेट के लोगों से संबंधों पर सवाल
ED का दावा है कि शेफाली बग्गा के संबंध महादेव सिंडिकेट के प्रमुख सदस्य और कथित हवाला ऑपरेटर खंजन जगदीश कुमार ठक्कर से हैं। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि उनका संबंध स्काई एक्सचेंज बेटिंग प्लेटफॉर्म के लोगों के साथ भी हैं।
