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भ्रष्ट्राचार, अवैध वसूली, अनियमितता के लिए मशहूर महासमुंद के महिला एवं बाल विकास विभाग का एक और कारनामा आया है सामने।

IBN24 Desk : महासमुंद (छत्तीसगढ़) भ्रष्ट्राचार, अवैध वसूली, अनियमितता के लिए मशहूर महासमुंद के महिला एवं बाल विकास विभाग का एक और कारनामा सामने आया है जिसमे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पर्यवेक्षिका बाकायदा नगद और चॉइस सेंटर के माध्यम से अपने खाते में वसूली का पैसा जमा करवा रही है।

महासमुंद जिले मे कोरोना काल के दौरान आंगनबाडी केन्द्रो मे वितरित किये गये सूखा राशन की राशि मे कमीशनखोरी का खेल, खेले जाने का मामला सामने आया है । जिले के बाराडोली सेक्टर के आंगनबाडी कार्यकर्ताओ ने कलेक्टर से आकर शिकायत की है कि बाराडोली सेक्टर की पर्यवेक्षिका लक्ष्मी मिश्रा ने सेक्टर के 31 आंगनबाडी मे से 26 आंगनबाडी केन्द्रो के आंगनबाडी कार्यकर्ताओं से कोरोना काल के दौरान वितरित किये गये सूखा राशन के पैसो मे 50 प्रतिशत पैसा,सुपोषण चौपाल कार्यक्रम से 250 रुपये प्रति आंगनबाडी केन्द्र एवं अवकाश आवेदन के साथ 100 रुपये कमीशन मांगती है। आफिस के पर्दे साफ सफाई के लिए भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पैसे लेती है। यदि आंगनबाडी कार्यकर्ता पैसा नही देती है तो पर्यवेक्षिका के द्वारा मानदेय काट लेने की धमकी दी जाती है ।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कामिनी सोनी और उर्मिला चौहान ने बताया कि आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने 47 हजार रुपये आनलाइन पर्यवेक्षिका के खाते मे चॉइस सेंटर से डाले एवं 1.50 लाख रुपये नगद दे दिये है। कमीशन की मांग दिन प्रतिदिन दिन बढता देख आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर से शिकायत कर इंसाफ की गुहार लगाई है और इस अवैध वसूली करने वाले पर कार्यवाही की मांग किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पर्यवेक्षिका लक्ष्मी मिश्रा को ऑनलाइन ट्रांसफर किये पैसे का फ्रूफ भी लेकर कलेक्ट्रेट पहुची थी।

इस पूरे मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी समीर पांडे ने शिकायत मिलने की बात स्वीकारते हुवे जांच मे प्रमाणित होने पर कार्यवाही करने की बात कह रहे है । अब देखना दिलचस्प होगा कि इसमें कुछ कार्यवाही होता है कि बाकी मामले की तरह ये भी ठंढे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

 

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