IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कोंडागांव जिले में मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य मत्स्य संसाधनों का संतुलित एवं समावेशी उपयोग सुनिश्चित करते हुए मछुआरों और मछली पालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत भूमि एवं जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही मत्स्य उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाकर जिले के ग्राम सातगांव के श्री गंगाधर नेताम आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मत्स्य पालन कर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत पोंड लाइनर तकनीक से तालाब का निर्माण कराया है। इस पर कुल 14 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें उन्हें 8 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इस तकनीक की मदद से वे कम स्थान में अधिक उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि साल के दो सीजन में लगभग 35 क्विंटल तक मछली का उत्पादन होता है। जिससे सालाना लगभग 03 से 04 लाख रुपए तक की आय प्राप्त कर रहे हैं। गंगाधर नेताम ने बताया कि विभाग द्वारा योजना के लाभ के साथ साथ विभागीय अधिकारियों द्वारा सतत तकनीकी मार्गदर्शन भी मिला। जिससे उन्हें मछली पालन के कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिली। गंगाधर जैसे कई किसान इस योजना के माध्यम से मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।
