IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू हुए सुशासन तिहार का मकसद लोगों की शिकायतें सुनना और उनका समय पर समाधान करना था। लेकिन इस बार यह अभियान सिर्फ आवेदन लेने और समाधान शिविर लगाने तक सीमित नहीं रहा।
पूरे अभियान के दौरान कई ऐसे मौके आए जब मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक अधिकारियों पर नाराज होते दिखाई दिए। कहीं अधिकारियों को मंच से फटकार लगाई गई, कहीं बैठक से बाहर भेज दिया गया, तो कहीं सस्पेंशन के आदेश तक जारी हो गए।
करीब एक महीने के अंदर अलग-अलग जिलों से ऐसे कई मामलों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसका छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने विरोध किया है और आंदोलन की चेतावनी दी है। फेडरेशन ने ये भी आरोप लगाया कि ये सब सोशल मीडिया पर रील्स के लिए किया जा रहा है।
आइए तारीखवार जानते हैं कि सुशासन तिहार के दौरान कब, कहां और किस जनप्रतिनिधि ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जिसका अब कर्मचारी संगठन विरोध कर रहा है।
