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नई दिल्ली के इंदिरा भवन में 19 अगस्त को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में केंद्र की नीतियों के खिलाफ पार्टी ने कई मुद्दे उठाए

IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) नई दिल्ली के इंदिरा भवन में 19 अगस्त को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में केंद्र की नीतियों के खिलाफ पार्टी ने कई मुद्दे उठाए। बैठक में पेपर लीक, बेरोजगारी, अयोध्या चंदा, चीन सीमा, कृषि-ऊर्जा सुरक्षा और E20 पेट्रोल पर चर्चा हुई।

इन मुद्दों का असर छत्तीसगढ़ से भी जुड़ता है, क्योंकि राज्य में बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और कृषि अर्थव्यवस्था में ईंधन की कीमत व फसल उपयोग जैसे विषय सीधे किसानों से जुड़े हैं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में पेपर लीक बड़ी समस्या बन गया है। छत्तीसगढ़ में भी PSC, व्यापमं और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद और युवाओं के आंदोलन समय-समय पर सामने आते रहे हैं।

CWC ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी से सबसे ज्यादा नुकसान उन युवाओं को होता है, जो वर्षों तक तैयारी करते हैं। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था में निजीकरण और केंद्रीकरण का विरोध किया।

E20 का असर छत्तीसगढ़ के किसानों पर

कांग्रेस कार्यसमिति ने E20 पेट्रोल से माइलेज कम होने, पुराने वाहनों की अनुकूलता और उपभोक्ताओं के सीमित विकल्पों पर चिंता जताई।

छत्तीसगढ़ के संदर्भ में पार्टी का यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि और ग्रामीण परिवहन की बड़ी भूमिका है। कांग्रेस ने गन्ने और मक्के को ईंधन उत्पादन में इस्तेमाल किए जाने से खाद्य और पर्यावरण संबंधी संभावित असर पर भी सवाल उठाए।

कृषि और ऊर्जा सुरक्षा भी मुद्दा

CWC ने केंद्र पर अमेरिकी दबाव में कृषि और ऊर्जा सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया। इसका असर छत्तीसगढ़ के किसानों पर भी पड़ने की बात कांग्रेस ने उठाई।

पार्टी ने कहा कि कृषि नीति बनाते समय किसानों की आय, फसलों की मांग और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

 

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