IBN24 Desk: दुर्ग (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने म्यूल खातों के जरिए संचालित संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस नेटवर्क के माध्यम से 1 करोड़ 88 लाख 67 हजार 554 रुपए की ठगी की गई थी। यह कार्रवाई भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर की गई।
जांच में 250 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों की पड़ताल की गई। इनमें कर्नाटका बैंक, स्टेशन रोड दुर्ग के 111 खाते और फेडरल बैंक, दक्षिण गंगोत्री सुपेला के 105 खाते प्रमुख थे। इन खातों का उपयोग देशभर में हुई ऑनलाइन ठगी की रकम को ट्रांसफर करने और अवैध लाभ कमाने के लिए किया जा रहा था।
म्यूल खातों के जरिए साइबर ठगी का संगठित नेटवर्क सक्रिय
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जानबूझकर अपने बैंक खातों को साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। ठगी की गई रकम इन म्यूल खातों में जमा की जाती थी, जिसे बाद में अलग-अलग तरीकों से निकालकर आपस में बांट लिया जाता था। यह संगठित गिरोह लंबे समय से म्यूल खातों का उपयोग कर सक्रिय था।
मोहन नगर–सुपेला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
मोहन नगर और सुपेला पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें शिवधर साहू, गोविंदा डहरिया, साहिल टेम्बेकर, धर्मेन्द्र सिंह, एस. त्रिमोला, प्रदीप कुमार उइके, भोजराज प्रजापति, हेमंत कुमार साहू, सन्नी चौहान, प्रिया सिंह और आरती मारकण्डे शामिल हैं।
कई धाराओं में केस दर्ज, मुख्य सरगनाओं की तलाश जारी
इस पूरे मामले में थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 07/2025 और थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 32/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), 318(4) और 61(2)(क) के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य खाताधारकों और मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुटी हुई है।
पासबुक और दस्तावेज जब्त, बड़े खुलासों की संभावना
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। इनसे आगे की जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पकड़े गए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। साल 2026 के पहले चार महीनों में ही ऐसे मामलों में 150 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
