Homeछत्तीसगढ़भविष्य की जरूरतों और आर्थिक विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप हो अधोसंरचना...

भविष्य की जरूरतों और आर्थिक विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप हो अधोसंरचना का निर्माण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) मजबूत अधोसंरचना किसी भी राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार होती है। छत्तीसगढ़ में सड़क, भवन और अन्य सार्वजनिक अधोसंरचनाओं का निर्माण केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की जरूरतों, बढ़ती आबादी, औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों और बदलती तकनीक को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। राज्य में होने वाले प्रत्येक पूंजीगत निवेश का अधिकतम लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों तक पहुंचे, यह हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। बैठक में अधोसंरचना विकास के लिए पूंजीगत व्यय की प्राथमिकताएं, परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन, सड़क नेटवर्क का दीर्घकालिक विकास, सार्वजनिक परिसंपत्तियों का रखरखाव, आधुनिक निर्माण तकनीक, विभागीय समन्वय और आगामी कार्ययोजना सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘अंजोर विजन 2047’ के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के दीर्घकालिक लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में आधुनिक, सुदृढ़ और टिकाऊ अधोसंरचना की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए पूंजीगत व्यय करने वाले सभी विभागों को अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए समन्वित और दीर्घकालिक कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ना होगा।

पूंजीगत निवेश का आर्थिक और सामाजिक प्रभाव हो परियोजनाओं की प्राथमिकता का आधार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अधोसंरचना पर किया जाने वाला व्यय केवल निर्माण पर होने वाला खर्च नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है। इसलिए परियोजनाओं का चयन करते समय यह आकलन किया जाना चाहिए कि संबंधित परियोजना से आवागमन, उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन, रोजगार और नागरिक सुविधाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य के वित्तीय संसाधनों का उपयोग ऐसी परियोजनाओं में प्राथमिकता से किया जाए, जिनसे अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ मिले, आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो और संबंधित क्षेत्र के विकास की नई संभावनाएं खुलें। परियोजनाओं की प्राथमिकता केवल तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर तय न होकर उनके दीर्घकालिक आर्थिक और सामाजिक प्रभाव के आधार पर भी निर्धारित की जाए।

बजट से निर्माण तक हर चरण की तय हो समय-सीमा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी परियोजना के लिए बजट प्रावधान हो जाने मात्र से उद्देश्य पूरा नहीं होता। बजट में स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना को धरातल पर समय से पूरा करना सबसे महत्वपूर्ण है। परियोजनाओं में देरी से उनकी लागत बढ़ती है और नागरिकों को मिलने वाला लाभ भी विलंबित होता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की अवधारणा और योजना तैयार करने से लेकर बजट प्रावधान, प्रशासकीय स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया, कार्यादेश और निर्माण पूर्ण होने तक प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। प्रत्येक स्तर पर प्रगति की नियमित समीक्षा हो और अनावश्यक विलंब के कारणों को समय रहते दूर किया जाए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments