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सेवा मेरा योगदान: पुसौर में विशाल नेत्र जांच शिविर, 3493 लोगों की हुई जांच

IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत रायगढ़ जिले के पुसौर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को विशाल निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे 3493 लोगों की नेत्र जांच की गई। जांच के बाद 3165 जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मे तथा करीब 800 लोगों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।

शिविर में लोगों की सुविधा के लिए 14 पंजीयन काउंटर बनाए गए थे। महिला एवं पुरुषों के लिए पृथक पंजीयन की व्यवस्था की गई। 10 से अधिक नेत्र विशेषज्ञों के साथ 38 नेत्र सहायकों ने जांच में सहयोग किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह 9 बजे से लगातार सेवाओं में जुटी रही। एनएसएस और स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने वालंटियर के रूप में पंजीयन से लेकर जांच और चश्मा वितरण तक लोगों की सहायता की। शिविर में आने वाले लोगों के लिए छाया, पेयजल, भोजन एवं स्वल्पाहार की भी व्यवस्था की गई थी।

समय-समय पर स्वास्थ्य जांच की आदत विकसित करना जरूरी : वित्त मंत्री श्री चौधरी

वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने शिविर का अवलोकन कर नेत्र जांच, चश्मा वितरण एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आंखों की समय पर जांच बेहद जरूरी है। विशेषकर बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्या कई बार समय पर सामने नहीं आती और इसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ सकता है। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें भी 12वीं कक्षा तक अपनी आंखों की कमजोरी का पता नहीं चला था। बाद में जांच कराने पर चश्मे की जरूरत सामने आई। उन्होंने कहा कि बीमारी के लक्षण सामने आने का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की आदत विकसित करनी चाहिए। आंखों और दांतों की जांच के साथ शरीर के अन्य स्वास्थ्य परीक्षणों को लेकर भी जागरूकता जरूरी है।

श्री चौधरी ने कहा कि गांवों में ऐसे शिविरों की आवश्यकता है, जहां लोगों को जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत आयोजन को केवल उत्सव तक सीमित रखने के बजाय सेवा के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचने का प्रयास किया गया है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने शिविर को सफल बनाने में योगदान देने वाले चिकित्सकों, नेत्र सहायकों, स्वास्थ्य विभाग, एनएसएस, स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों और प्रशासनिक अमले की सराहना की। उन्होंने हितग्राहियों को अपने हाथों से चश्मे पहनाए तथा पांच हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए। उन्होंने सुबह से सेवा में जुटे चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र और शाल भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर वन विभाग की ओर से पीपल के पौधे भी वितरित किए गए।

सात दिनों तक गांवों में चला प्रचार, 550 से अधिक पंचायतों से लोगों को शिविर तक लाने की व्यवस्था

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि शिविर को लेकर पिछले सात दिनों से ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। जिले की 550 से अधिक ग्राम पंचायतों से लोगों को शिविर तक लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई। निजी चिकित्सकों को भी शिविर से जोड़ा गया, जिन्होंने सुबह से लगातार अपनी सेवाएं दीं।

कलेक्टर ने बताया कि जिले के शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत करीब 45 हजार बच्चों की नेत्र जांच भी की जा रही है। कई बार बच्चे की आंख कमजोर होने के बावजूद उसे स्वयं इसका पता नहीं होता। ऐसे में समय पर जांच कर समस्या की पहचान करना जरूरी है। उन्होंने पालकों से बच्चों के साथ प्रतिदिन कुछ समय उनकी पढ़ाई और स्कूल में आने वाली परेशानियों के संबंध में बातचीत करने की अपील की।

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