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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अजगर का ऑपरेशन कर मुंह से 200 ग्राम का ट्यूमर गाठ निकाला गया

IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़)  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अजगर का ऑपरेशन कर मुंह से 200 ग्राम का ट्यूमर गाठ निकाला गया है। सर्पमित्र और पशु चिकित्सकों ने 2 घंटे से ज्यादा समय तक ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। सर्जरी के बाद अजगर को ड्रिप लगाकर विशेष निगरानी में रखा गया है।

इस अजगर का रेस्क्यू अंबिकापुर से किया गया था। वन्यजीव चिकित्सा के क्षेत्र में इस ऑपरेशन को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में किसी रेप्टाइल से कैंसर वाली गांठ निकालने की यह शायद पहली सफल सर्जरी है।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

अंबिकापुर के स्नेक मैन सत्यम द्विवेदी ने बताया कि, सरगुजा के एक इलाके में अजगर दिखने की सूचना मिली थी। उसका रेस्क्यू किया गया। इस दौरान उनकी नजर अजगर के मुंह में मौजूद गांठ पर पड़ी। गांठ को देखते हुए उन्होंने पशु चिकित्सकों से संपर्क किया। जांच में पता चला कि अजगर के मुंह में ट्यूमर है, जिसे निकालने के लिए सर्जरी की जरूरत थी।

इसके बाद सत्यम अजगर को लेकर बिलासपुर पहुंचे। करीब 8.5 किलो वजनी इंडियन रॉक पाइथन का इलाज कानन पेंडारी में किया गया। डॉक्टर पीयूष दुबे ने अपनी टीम के साथ जटिल ऑपरेशन कर ट्यूमर को शरीर से अलग किया।

सर्जरी के बाद विशेष देखभाल

अजगर की सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। ऑपरेशन के बाद उसे ड्रिप लगाई गई और विशेष देखभाल में रखा गया है। जिससे उसकी सेहत में सुधार हो सके। मुंह में ट्यूमर होने के कारण अजगर की स्थिति गंभीर हो सकती थी। ऐसे में समय पर रेस्क्यू और इलाज उसकी जान बचाने में अहम साबित हुआ।

बेजुबान की जिंदगी बचाने की कोशिश

अंबिकापुर से बिलासपुर तक अजगर को ले जाने और उसका इलाज कराने की पूरी प्रक्रिया एक चुनौती थी। सत्यम द्विवेदी ने समय रहते उसकी समस्या पहचानी और विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंचाया। वहीं, डॉ. पीयूष दुबे और उनकी टीम ने सर्जरी कर ट्यूमर निकालने में सफलता हासिल की।

8-10 हजार से ज्यादा सांपों का कर चुके है रेस्क्यू

अंबिकापुर के स्नेकमैन सत्यम द्विवेदी अब तक 10 हजार से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। सत्यम के अनुसार, वे पिछले 10 सालों से इस काम को कर रहे हैं। वे सांपों का रेस्क्यू करते हैं और उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ते हैं।

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