IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित कंकाली मठ के कपाट विजयादशमी पर साल में एक बार खोले गए। मंगलवार सुबह 6 बजे से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मठ में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुट रही है। श्रद्धालु कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
कंकाली मठ में नागा साधुओं के करीब 1000 साल पुराने कमंडल, कपड़े, चिमटा, त्रिशूल, ढाल, कुल्हाड़ी सहित अन्य प्राचीन वस्तुएं रखी हैं। विजयादशमी पर इन वस्तुओं के दर्शन के लिए मठ के कपाट खोले जाते हैं। इस दौरान प्राचीन वस्तुओं की विशेष पूजा-अर्चना भी की जाती है।
साल में केवल एक दिन इन वस्तुओं के दर्शन का अवसर मिलने के कारण श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहता है। श्रद्धालु मंगलवार रात 12 बजे तक मठ में रखी इन प्राचीन वस्तुओं के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद मठ के कपाट फिर बंद कर दिए जाएंगे।
जानिए मंदिर से जुड़ा इतिहास
कंकाली मठ की देखरेख महंत कृपाल गिरी महाराज की 12वीं पीढ़ी कर रही है। मठ से जुड़े विचित गिरी ने बताया कि एक बार माता कंकाली ने स्वप्न में महंत कृपाल गिरी महाराज को तालाब के किनारे मंदिर बनवाकर प्रतिमा स्थापित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद माता की प्रतिमा को मठ से मंदिर में स्थापित किया गया।
बताया जाता है कि प्रतिमा को मंदिर में स्थापित करने के बाद महंत कृपाल गिरी महाराज दुखी रहने लगे, तब माता ने उन्हें दर्शन देकर कहा कि वे विजयादशमी के दिन अपने पुराने घर यानी मठ में विराजमान होंगी। इसी मान्यता के चलते हर साल दशहरे पर मठ के कपाट खोले जाते हैं और यहां विशेष पूजा की जाती है।
