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विशेष लेख: जनकल्याणकारी योजनाओं से बदल रही सरगुजा के गांवों की तस्वीर, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे ग्रामीण परिवार

IBN24 Desk: रायपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही हैं। बेटियों के सुरक्षित भविष्य से लेकर किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण, स्वरोजगार और ग्रामीण अधोसंरचना के विकास तक शासन की विभिन्न योजनाएं गांवों में नई संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं। सरगुजा जिले में इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे परिवारों की कहानियां बताती हैं कि जब शासन की सहायता और ग्रामीणों की मेहनत एक साथ जुड़ती है, तो सीमित संसाधनों के बीच भी आत्मनिर्भरता और खुशहाली की राह आसान होने लगती है।

सरगुजा के ग्रामीण अंचलों में नोनी सुरक्षा योजना बेटियों के भविष्य को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है, वहीं राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना से पशुपालन को नियमित आय के साधन के रूप में विकसित करने में मदद मिल रही है। ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरियां जल संरक्षण के साथ खेती और मछली पालन के अवसर बढ़ा रही हैं। दूसरी ओर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों में बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होने से ग्रामीणों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के अवसरों तक पहुंच सुगम हो रही है। विकास की ये पहलें ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं।

नोनी सुरक्षा योजना से आंचल के सपनों को मिला आर्थिक संबल

हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनकी बेटी अच्छी शिक्षा प्राप्त करे और आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार करे। आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए बेटियों के भविष्य की चिंता स्वाभाविक होती है। ऐसे परिवारों को छत्तीसगढ़ शासन की नोनी सुरक्षा योजना महत्वपूर्ण सहारा प्रदान कर रही है। अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कृष्णापुर निवासी श्रीमती मानती राजवाड़े की बेटी आंचल राजवाड़े को इस योजना के अंतर्गत भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से एक लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त हुआ है।

मानती राजवाड़े के लिए यह बॉन्ड केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि बेटी के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद भी है। योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार आंचल के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर मिलने वाली राशि का उपयोग उसकी आगे की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं के लिए किया जा सकेगा। इससे परिवार को भविष्य में शिक्षा संबंधी खर्चों की व्यवस्था करने में सहायता मिलेगी। नोनी सुरक्षा योजना बेटियों के प्रति परिवारों में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ उनकी शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

डेयरी व्यवसाय ने बदली मनोज की आर्थिक स्थिति, प्रतिदिन 30 लीटर दूध बेचकर कर रहे आमदनी

कृषि प्रधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण अतिरिक्त साधन बन रहा है। सरगुजा जिले के लमगांव निवासी श्री मनोज कुमार पटेल ने राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ लेकर डेयरी व्यवसाय को अपनी आजीविका का मजबूत आधार बनाया है। शासन की सहायता और स्वयं की मेहनत से उन्होंने दूध उत्पादन एवं विक्रय का कार्य आगे बढ़ाया है। आज वे प्रतिदिन लगभग 30 लीटर दूध का विक्रय कर करीब 1,200 रुपये की आमदनी अर्जित कर रहे हैं।

श्री मनोज कुमार पटेल के अनुसार, दूध विक्रय से प्राप्त मासिक आय में पशुओं के चारे और अन्य आवश्यक खर्चों को निकालने के बाद लगभग 15 हजार रुपये की बचत हो रही है। डेयरी व्यवसाय से उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिल रही है। खेती के साथ पशुपालन अपनाने से उनकी आय के स्रोतों में विविधता आई है। मनोज की सफलता यह दर्शाती है कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण युवा और किसान स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से स्वरोजगार के अवसर विकसित कर सकते हैं।

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