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केना सहकारी समिति में हुए KCC लोन फर्जीवाड़ा में एक और बड़ा खुलासा। 2022-23 में भी किया गया था KCC लोन फर्जीवाड़ा। कई पीड़ित किसानों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर कार्यवाही की मांग किया है।

IBN24 Desk : महासमुंद (छत्तीसगढ़) महासमुंद जिला फर्जीवाड़ा का महासमुन्द्र है यहाँ हर रोज नित नए फर्जीवाड़ा उजागर होता है। मामला महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लाक के तोरेसिंहा सहकारी बैंक के अंतर्गत आने वाले सेवा सहकारी समिति केना का है जहाँ किसानो के खेती के रकबा में कूट रचना कर उनके रकबा को फर्जी ढंग से बढ़ाया गया वर्ष 2023-24 और करोड़ो रूपये केसीसी लोन निकाला गया था। फर्जीवाड़ा का खुलासा होने के बाद अब नया मामला सामने आ रहा है जिसमे 2022-23 में भी केना सहकारी समिति में इसी प्रकार फर्जीवाड़ा किया गया है, अब पीड़ित किसान इस मामले की शिकायत महासमुंद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में किया है और न्याय की गुहार लगा रहे है। 

किसानो का कहना है कि इस पुरे फर्जीवाड़े में केना सहकारी समिति के तत्कालीन प्रभारी भीष्मदेव पटेल,  तोरोसिंहा ब्रांच में पूर्व में रहे सुपरवाइजर श्याम सुन्दर पटेल, वर्तमान सुपरवाइजर राजकुमार प्रधान और तोरेसिंहा ब्रांच मैनेजर युवराज नायक सभी की संलिप्तता है इन्ही लोगो ने फर्जी डाक्यूमेंट तैयार कर हमारे नाम से हमें बिना जानकारी के करोडो के लोन निकलकर खा गए और हमें कर्जदार बना दिया। ऐसे फर्जीवाड़ा केना सहकारी समिति के 50 से 60 किसानो के साथ के साथ किया गया है।

प्रकरण क्रमांक 01 – बनमाली पिता बुधाउ दास निवासी इच्छापुर, तहसील सरायपाली। जिसका खेती योग्य रकबा 0.4000 हेक्टेयर है। उक्त रकबे में कूटरचना कर 8.31 हेक्टेयर किया गया और उस फर्जी रकबे पर 365640 रुपये फर्जी तरीके से निकाल लिया गया जबकि किसान के नाम पर कूट रचना कर 365640 रुपये फर्जी तरीके से निकाले जाने की जानकारी किसान को  नहीं थी। केसीसी लोन 2022 -23  में निकला गया है। किसान का ये भी कहना है कि उसका फर्जी दस्तखत कर लोन निकाला गया है इसमें तोरेसिंहा ब्रांच के सुपरवाइजर तोरेसिंहा सहकारी बैंक के मैनेजर की संलिप्तता है इनका साठगांठ नहीं होने से दूसरा आदमी दूसरे का पैसा नहीं निकाल सकता है। 

प्रकरण क्रमांक 02 कमलेश दास पिता रामेश्वर दास निवासी इच्छापुर, तहसील सरायपाली के शिकायत अनुसार उनके पिता रामेश्वर दास जिसकी मृत्यु 28.01.2023 हो गयी थी। रामेश्वर दास का खेती योग्य रकबा 0.76  हेक्टेयर था। उक्त रकबे में कूटरचना कर 9.82 हेक्टेयर किया गया और उस फर्जी रकबे पर 432080  रुपये फर्जी तरीके से निकाल लिया गया. जिसकी जानकारी मुझे और मेरे पिता को नहीं थी। वर्ष 2022 -2023 केसीसी लोन को निकाला गया है।

केसीसी लोन फर्जीवाड़ा वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में सामने आने के बाद ये भी जाँच करना जरुरी हो गया कि किसानो के साथ इस तरीके से फर्जीवाड़ा कब से किया जा रहा है और अभी तक कितने करोड़ का फर्जीवाड़ा किया गया है। 

वर्ष 2023-24 में हुए फर्जी केसीसी लोन फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जांच के आदेश दे दिए थे अभी जांच चल रही है जांच रिपोर्ट नहीं आया है। अब वर्ष 2022-23 में हुए फर्जीवाड़ा के पीड़ित कई किसानो ने महासमुंद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत कर न्याय की गुहार लगा रहे है साथ ही दोषियों पर कार्यवाही की मांग कर रहे है।

 

तोरेसिंहा सहकारी बैंक में बड़ा फर्जीवाड़ा। समिति प्रभारी, सुपरवाइज़र और सहकारी बैंक के ब्रांच मैनेजर ने मिलकर किया बड़ा फर्जीवाड़ा। किसानो के केसीसी लोन में किया गया फर्जीवाड़ा। जिन किसानो के नाम पर  1 से 3 एकड़ जमीन है उसे 20 से 25 एकड़ तक बढ़ाकर कई किसानो के नाम पर करोडो रुपये केसीसी लोन निकाल लिया गया। कई किसानो को पता ही नहीं है कि उनके नाम पर लाखों के लोन है। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश। 

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