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बलौदा बाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के खरवे गांव में पिछले तीन महीनों में हुई 8 संदिग्ध मौतों के मामले में जांच तेज हो गई

IBN24 Desk: बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़)  बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के खरवे गांव में पिछले तीन महीनों में हुई 8 संदिग्ध मौतों के मामले में जांच तेज हो गई है। कब्र से निकाले गए 6 शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) लाया गया। शवों के साथ मृतकों के परिजन भी रायपुर पहुंचे हैं।

अस्पताल में कड़ी निगरानी में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों की शिकायत और बढ़ते विवाद को देखते हुए शवों को कब्र से निकालकर दोबारा परीक्षण कराने का फैसला लिया है। इससे पहले शनिवार को एक शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था। अब तक कुल 6 शवों का दोबारा परीक्षण कराया जा रहा है, जबकि एक मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया था।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा सुरक्षित रखकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतें किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुईं या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।

ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि गांव के रामसाय जायसवाल जमीन में गड़े कथित खजाने (हंडा) को पाने के लिए लोगों की बलि दे रहा था। हालांकि, इस तरह की बातों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

6 फरवरी से 14 मई तक 8 लोगों की मौत

खरवे गांव में संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू की जान चली गई। मार्च महीने में 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू और 31 मार्च को विनोद साहू की मौत हो गई।

इसके बाद अप्रैल में भी मौतों का सिलसिला नहीं थमा और 28 अप्रैल को गजानंद मांझी तथा 29 अप्रैल को चैतूराम साहू की मौत हो गई। वहीं सबसे हालिया मौत 14 मई को महेतरू साहू की हुई। महज तीन महीने के भीतर एक ही गांव में 8 लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कसडोल थाना पहुंचे थे।

रामसाय जायसवाल पर ग्रामीणों का शक

गांव के लोगों का कहना है कि जिन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई, वे सभी मौत से पहले किसी न किसी रूप में रामसाय जायसवाल के संपर्क में आए थे। किसी को उसने शराब पीने के लिए बुलाया था, किसी को शराब लाने भेजा गया था, तो कुछ लोग उसके साथ बैठकर शराब पीते देखे गए थे।

शुरुआत में ग्रामीणों ने इन घटनाओं को सामान्य माना, लेकिन लगातार एक के बाद एक मौत होने के बाद लोगों ने पुरानी घटनाओं को जोड़ना शुरू किया। गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि पहले सभी को लगा कि मौतें बीमारी या सामान्य कारणों से हो रही हैं, लेकिन अब ग्रामीणों को संदेह है कि गांव में लंबे समय से कुछ गंभीर गड़बड़ी चल रही थी। लोगों ने कड़ी जोड़ी और गांव के ही रहने वाले रामसाय जायसवाल के खिलाफ सभी ने पुलिस में लिखित शिकायत की।

 

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