IBN24 Desk: कोंडागांव (छत्तीसगढ़) कोंडागांव में 16 अगस्त को हिन्दू नारी जागरण अंजना महिला मानस मंडली द्वारा सावन उत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम फॉरेस्ट विभाग के सरगी गार्डन में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस उत्सव के माध्यम से महिलाओं ने अपनी संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवंत किया।
उत्सव के दौरान महिलाओं के लिए झूले लगाए गए थे। महिलाओं ने बारी-बारी से झूलों का आनंद लिया और सावन के पारंपरिक गीत गाए। इस अवसर पर उन्होंने बचपन में खेले जाने वाले पारंपरिक खेलों में भी हिस्सा लिया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बन गया।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने कहा कि सावन का महीना केवल एक मौसम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
महिलाओं ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि वर्तमान पीढ़ी का अधिकांश समय मोबाइल फोन और सोशल मीडिया पर व्यतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक त्योहार और सामूहिक आयोजन बच्चों और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं
महिलाओं ने एक-दूसरे को भेंट किया सुहाग का जोड़ा
उत्सव के समापन पर, महिलाओं ने एक-दूसरे को सुहाग का जोड़ा भेंट कर पारंपरिक रस्म निभाई। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे के लिए मंगलकामनाएं कीं। महिलाओं ने बताया कि हिन्दू संस्कृति की ये परंपराएं केवल रीति-रिवाज नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और संस्कारों की पहचान हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
इस सावन उत्सव में महिलाओं का उत्साह उल्लेखनीय था। झूले, पारंपरिक खेल, गीत और सुहाग की रस्मों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी ऐसे आयोजन करती रहेंगी ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे।
