IBN24 Desk: दुर्ग (छत्तीसगढ़) दुर्ग जिले के रिसाली भिलाई क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक मामला सामने आया है। यहां एक रिटायर्ड भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) कर्मचारी को उसकी बेटी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2 लाख 70 हजार रुपए ठग लिए गए। आरोपी ने खुद को तहसीलदार बताकर पीड़ित का विश्वास जीता।
पीड़ित ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना थाना नेवई क्षेत्र की है।
दशहरा मैदान के पास रिसाली के निवासी भूषण प्रसाद वर्मा (61 वर्ष) ने बताया कि उनकी मुलाकात जिला न्यायालय दुर्ग में राहुल कुमार वर्मा नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने खुद को सूरजपुर जिले का तहसीलदार बताया और सरकारी तंत्र में अपनी पहुंच का दावा किया।
धीरे-धीरे बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने पीड़ित का विश्वास जीत लिया। इसी दौरान उसने वर्मा की बेटी मितेश्वरी वर्मा को रायपुर मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नौकरी लगवाने का लालच दिया।
दुर्ग जिले के रिसाली भिलाई क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक मामला सामने आया है। यहां एक रिटायर्ड भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) कर्मचारी को उसकी बेटी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2 लाख 70 हजार रुपए ठग लिए गए। आरोपी ने खुद को तहसीलदार बताकर पीड़ित का विश्वास जीता।
पीड़ित ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना थाना नेवई क्षेत्र की है।
दशहरा मैदान के पास रिसाली के निवासी भूषण प्रसाद वर्मा (61 वर्ष) ने बताया कि उनकी मुलाकात जिला न्यायालय दुर्ग में राहुल कुमार वर्मा नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने खुद को सूरजपुर जिले का तहसीलदार बताया और सरकारी तंत्र में अपनी पहुंच का दावा किया।
धीरे-धीरे बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने पीड़ित का विश्वास जीत लिया। इसी दौरान उसने वर्मा की बेटी मितेश्वरी वर्मा को रायपुर मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नौकरी लगवाने का लालच दिया।
आरोपी ने नौकरी के लिए ‘सेटिंग’ और ‘प्रोसेसिंग’ का हवाला देते हुए पैसे की मांग शुरू कर दी। नौकरी की उम्मीद में परिवार उसकी बातों में आ गया और पैसे देने को तैयार हो गया।
7 अक्टूबर 2025 को आरोपी खुद पीड़ित के घर पहुंचा और नकद 1 लाख 50 हजार रुपए ले गया। इसके बाद भी उसकी पैसों की मांग जारी रही।
आरोपी ने केवल नकद ही नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यम से भी रकम ऐंठी। 10 अक्टूबर 2025 को बेटी मितेश्वरी वर्मा के पेटीएम के जरिए 1 लाख रुपए एक खाते में ट्रांसफर करवाए गए।
इसके बाद 26 नवंबर 2025 को 20 हजार रुपए और ट्रांसफर करवाए गए। इस तरह आरोपी ने कुल 2 लाख 70 हजार रुपए की ठगी की।
समय बीतने पर हुआ शक, खुला राज
काफी समय गुजरने के बाद भी जब नौकरी का कोई अता-पता नहीं चला, तो परिवार को शक हुआ। आरोपी ने बहाने बनाना शुरू कर दिया और बाद में संपर्क भी कम कर दिया।
पीड़ित को तब एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।
मोबाइल फोटो बना अहम सबूत
पीड़ित ने बताया कि आरोपी जब घर आया था, तब उन्होंने उसका फोटो मोबाइल में खींच लिया था। उसी फोटो का प्रिंटआउट और अन्य दस्तावेज आवेदन के साथ पुलिस को सौंपे गए हैं, ताकि आरोपी की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।
नेवई थाना में केस दर्ज
इस पूरे मामले में नेवई थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है और बैंक खातों व मोबाइल नंबर की जांच कर रही है।
