IBN24 Desk: दुर्ग (छत्तीसगढ़) हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में घूमने गए बेंगलुरु के 2 परिवारों की खुशियां सड़क हादसे में मातम में बदल गईं। बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पर एक अर्टिगा कार करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 2 बच्चों समेत 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में छत्तीसगढ़ के भिलाई के एक परिवार के 4 लोग शामिल है।
भिलाई में मृतकों के परिवार से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया। दंपती अपने बच्चों के साथ बेंगलुरु में रहते थे, वहीं जॉब कर रहे थे। यह सभी पर्यटक बेंगलुरु से हिमाचल प्रदेश घूमने आए थे और बर्फबारी का आनंद लेने साच पास जा रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, हादसा चंबा जिले के चुराह उपमंडल के कालावन क्षेत्र के पास शुक्रवार रात को हुआ है। दोनों परिवारों ने डलहौजी से एक टैक्सी बुक की थी और साच पास इलाके में बर्फ और प्राकृतिक सौंदर्य देखने के लिए रवाना हुए थे।
देर रात कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। खाई की गहराई ज्यादा होने के कारण कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को बचने का मौका नहीं मिला।
GPS लोकेशन से हुआ हादसे का खुलासा
जब टैक्सी देर रात तक डलहौजी नहीं लौटी तो वाहन मालिक को अनहोनी की आशंका हुई। उसने वाहन की जीपीएस लोकेशन जांची, जो कालावन क्षेत्र के पास एक ही स्थान पर स्थिर दिखाई दे रही थी।
काफी देर तक कोई गतिविधि नहीं मिलने पर स्थानीय स्तर पर खोजबीन शुरू की गई। शनिवार दोपहर वाहन के खाई में गिरने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई।
दुर्गम क्षेत्र होने से रेस्क्यू में आई दिक्कत
दुर्घटना स्थल बेहद दुर्गम इलाके में होने के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। खड़ी पहाड़ियां, गहरी खाई, पथरीला रास्ता और खराब मौसम के चलते शनिवार को शवों को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। इसके अलावा क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से बचाव दल और प्रशासन के बीच समन्वय बनाने में भी परेशानी हुई।
ह्यूमन चेन बनाकर निकाले गए शव
रविवार सुबह पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया। खाई की गहराई को देखते हुए लोगों ने ह्यूमन चेन बनाई और रस्सियों की मदद से एक-एक कर शवों को ऊपर सड़क तक पहुंचाया। कई घंटे तक चले अभियान के बाद सभी 8 शवों को खाई से बाहर निकाल लिया गया।
